हरि ऐसे बसो मेरे मन में जैसे तुलसी बसी आंगन में भजन – बोल, अर्थ और भाव | Hari Aise Baso Mere Man Mein Bhajan Lyrics
हरि ऐसे बसो मेरे मन में जैसे तुलसी बसी आंगन में” एक अत्यंत मधुर और भावपूर्ण भजन है। इस भजन में भक्त कहता है कि “हे हरि! आप मेरे मन में ऐसे बस जाओ जैसे तुलसी का पौधा आंगन में बसता है। जिस प्रकार तुलसी का पौधा घर के आंगन में पवित्रता और सकारात्मकता का प्रतीक होता है, उसी प्रकार भक्त चाहता है कि भगवान हरि उसके मन में सदा निवास करें।
भजन का महत्व और संदेश
- भक्ति और समर्पण का भाव
- मन की शुद्धि का प्रतीक
- तुलसी और हरि का संबंध
- दैनिक भजन में इसका स्थान
हरि ऐसे बसो मेरे मन में जैसे तुलसी बसी आंगन में भजन के पूरे बोल (Lyrics in Hindi)
हरि ऐसे बसो मेरे मन में, जैसे तुलसी बसी आंगन में।
हरि ऐसे बसो मेरे मन में जैसे तुलसी बसी आंगन में।
जैसे फूलों में खुशबू है रहती, हमको नजर नहीं आती।
ऐसी खुशबू फैला दो मेरे मन में कोई देखे ना तुमको हम में।
हरि ऐसे बसो मेरे मन में जैसे तुलसी बसी आंगन में…
जैसे मेहंदी में रंग है रहता, किसी को नजर नहीं आता।
ऐसे रंग को रंगा दो मेरे मन मे, कोई देखे ना तुमको हम में
हरि ऐसे बसो मेरे मन में जैसे तुलसी बसी आंगन में…
जैसे मिश्री में मीठा है रहता, किसी को नजर नहीं आता
ऐसे मीठा बना दो मेरे मन को, कोई देखे ना हमको तुमको
हरि ऐसे बसो मेरे मन में जैसे तुलसी बसी आंगन में…
जैसे सागर में पानी है गहरा व किसी को नजर नहीं आता।
ऐसा गहरा बना दो मेरे मन को कोई देखे ना तुमको हम में।
हरि ऐसे बसो मेरे मन में जैसे तुलसी बसी आंगन में…
Hari Aise Baso Mere Man Mein Bhajan Lyrics in English
Hari aise baso mere man mein,
jaise Tulsi basi aangan mein.
Hari aise baso mere man mein,
jaise Tulsi basi aangan mein.
Jaise phoolon mein khushboo hai rehti,
humko nazar nahin aati.
Aisi khushboo phaila do mere man mein,
koi dekhe na tumko hum mein.
Hari aise baso mere man mein,
jaise Tulsi basi aangan mein…
Jaise mehndi mein rang hai rehta,
kisi ko nazar nahin aata.
Aise rang ko ranga do mere man mein,
koi dekhe na tumko hum mein.
Hari aise baso mere man mein,
jaise Tulsi basi aangan mein…
Jaise mishri mein meetha hai rehta,
kisi ko nazar nahin aata.
Aise meetha bana do mere man ko,
koi dekhe na humko tumko.
Hari aise baso mere man mein,
jaise Tulsi basi aangan mein…
Jaise saagar mein paani hai gehra,
kisi ko nazar nahin aata.
Aisa gehra bana do mere man ko,
koi dekhe na tumko hum mein.
Hari aise baso mere man mein,
jaise Tulsi basi aangan mein…


