चंदा भी देख शरमाया – कान्हा जी तुम्हे किसने सजाया भजन | Krishna Bhajan Lyrics & Meaning
यह एक अत्यंत popular bhajan है, जिसे विशेष रूप से dholak bhajan शैली में गाया जाता है। यह krishna bhajan भगवान श्रीकृष्ण के अलौकिक सौंदर्य, माधुर्य और दिव्य रूप का वर्णन करता है। इस kanha ji bhajan में भक्त भावपूर्वक यह प्रश्न करता है कि स्वयं चंद्रमा भी जिनके सौंदर्य को देखकर लज्जित हो जाए, ऐसे कान्हा जी को किसने सजाया होगा।
यह कृष्णा भजन भक्ति, प्रेम और सौंदर्य का सुंदर संगम है और सत्संग, भजन संध्या तथा जन्माष्टमी जैसे अवसरों पर विशेष रूप से गाया जाता है।
“चंदा भी देख शरमाया” भजन – पूरे बोल हिंदी में
चंदा भी देख शरमाया, कान्हा जी तुम्हे किसने सजाया,
किसने सजाया तुम्हे किसने सजाया,
चंदा भी देख शरमाया, कान्हा जी तुम्हे किसने सजाया
नजर आज तुझे लग ना जाए,
रूप तेरा मेरे मन को भाए,
मन मेरा घबराया, कान्हा जी तुम्हे किसने सजाया
दिल पे मेरे कर गई टोना,
देख के तेरा मुखड़ा सोना,
नशा तेरा हम पे छाया, कान्हा जी तुम्हे किसने सजाया
देख के तुझको हुई दीवानी,
दुनियां ने मेरी जानी कहानी,
तेरे प्यार ने मुझे नचाया, कान्हा जी तुम्हे किसने सजाया
देख के तेरा मुखड़ा सोना,
नशा तेरा हम पे छाया, कान्हा जी तुम्हे किसने सजाया
देख के तुझको हुई दीवानी,
दुनियां ने मेरी जानी कहानी,
तेरे प्यार ने मुझे नचाया, कान्हा जी तुम्हे किसने सजाया
Chanda Bhi Dekh Sharmaya Krishna Bhajan Full Lyrics
Chanda bhi dekh sharmaaya,
Kanha ji tumhe kisne sajaaya,
kisne sajaaya tumhe kisne sajaaya,
Chanda bhi dekh sharmaaya,
Kanha ji tumhe kisne sajaaya.
Nazar aaj tujhe lag na jaaye,
Roop tera mere man ko bhaaye,
man mera ghabraaya,
Kanha ji tumhe kisne sajaaya.
Dil pe mere kar gayi tona,
dekh ke tera mukhda sona,
nasha tera hum pe chhaaya,
Kanha ji tumhe kisne sajaaya.
Dekh ke tujhko hui deewani,
duniya ne meri jaani kahaani,
tere pyaar ne mujhe nachaaya,
Kanha ji tumhe kisne sajaaya.
Dekh ke tera mukhda sona,
nasha tera hum pe chhaaya,
Kanha ji tumhe kisne sajaaya.
Dekh ke tujhko hui deewani,
duniya ne meri jaani kahaani,
tere pyaar ne mujhe nachaaya,
Kanha ji tumhe kisne sajaaya.
भजन का महत्व और भावार्थ – Significance of the Bhajan
- कृष्ण की दिव्य सुंदरता का वर्णन
- भक्ति और प्रेम का संगम
- विशेष अवसर: जन्माष्टमी, होली, रासलीला
- भावनात्मक और आध्यात्मिक प्रभाव


