तेरी मंद मंद मुस्कानिया पे बलिहार भजन – हिंदी लिरिक्स | Teri Mand Mand Mushkaniya Pe Bhajan
“तेरी मंद मंद मुस्कानिया पे बलिहार” एक अत्यंत भावपूर्ण और लोकप्रिय भजन है, जो भगवान श्रीकृष्ण के सौम्य, करुण और प्रेमपूर्ण स्वरूप को समर्पित है। यह कृष्ण भजन भक्त के हृदय में बसे उस दिव्य भाव को व्यक्त करता है, जहाँ ईश्वर की हल्की-सी मुस्कान भी जीवन के सारे कष्ट हर लेती है। Teri Mand Mand Muskaniya Pe Balihar bhajan विशेष रूप से प्रेम और समर्पण का प्रतीक माना जाता है।
तेरी मंद मंद मुस्कानिया पे बलिहार भजन – हिंदी लिरिक्स और अर्थ
तेरी मंद-मंद मुस्कनिया पे,
बलिहार संवारे जू ।
तेरी मंद-मंद मुस्कनिया पे,
बलिहार संवारे जू ।
तेरी मंद-मंद मुस्कनिया पे,
बलिहार संवारे जू ॥
तेरे बाल बड़े घुंगराले,
बादल जो कारे कारे ।
तेरी मोर मुकट लटकनिया पे,
बलिहार संवारे जू ।
तेरी मंद-मंद मुस्कनिया पे,
बलिहार संवारे जू ॥
तेरी चाल अजब मतवाली,
लगती है प्यारी-प्यारी ।
तेरी पायल की झंकार पे,
बलिहार संवारे जू ।
तेरी मंद-मंद मुस्कनिया पे,
बलिहार संवारे जू ॥
तेरे संग में राधा प्यारी,
लगती है सबसे नियारी ।
इस युगल छवि पे मे जाऊ,
बलिहार संवारे जू ।
तेरी मंद-मंद मुस्कनिया पे,
बलिहार संवारे जू ॥
तेरे नयन बड़े मतवारे,
मटके है कारे कारे ।
तेरी तिरछी सी चितवनिया पे,
बलिहार संवारे जू ।
तेरी मंद-मंद मुस्कनिया पे,
बलिहार संवारे जू ॥
भजन की भावना और अर्थ (Meaning of the Krishna Bhajan)
इस भजन में भक्त भगवान श्रीकृष्ण से कहता है कि उनकी मंद-मंद मुस्कान इतनी मोहक और दिव्य है कि उस पर सब कुछ न्योछावर करने का मन करता है। यहाँ मुस्कान केवल चेहरे की नहीं, बल्कि ईश्वर की करुणा, स्वीकार और प्रेम का संकेत है।
“Balihar” शब्द पूर्ण समर्पण को दर्शाता है, यानी भक्त अपना अहंकार, भय और दुख भगवान के चरणों में अर्पित कर देता है।
यह भजन सिखाता है कि ईश्वर की एक झलक, एक मुस्कान, जीवन की दिशा बदल सकती है।
भजन का अर्थ (Meaning of Krishna Bhajan)
- मंद मुस्कानिया: हल्की, मधुर मुस्कान
- बलिहार: बलि/बलिदान चढ़ाना, समर्पण
- अदा पे न्योछावर: सौंदर्य पर न्योछावर होना
- चाल पे कुर्बान: चाल पर कुर्बान होना
- संपूर्ण भाव: भगवान कृष्ण के रूप, मुस्कान और चाल पर प्रेमपूर्ण समर्पण


