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श्री गणेश आरती | Ganesh Aarti lyrics in Hindi and English

श्री गणेश आरती – लिरिक्स और अर्थ | Ganesh Aarti Lyrics & Meaning in Hindi and English

गणेश आरती का महत्व और लाभ | Importance & Benefits of Ganesh Aarti

भगवान गणेश को हिंदू धर्म में विघ्नहर्ता, बुद्धि के दाता और शुभ आरंभ के अधिष्ठाता देवता माना जाता है। किसी भी पूजा, कार्य या अनुष्ठान की शुरुआत गणेश पूजन से की जाती है। इसी पूजन का एक महत्वपूर्ण अंग है गणेश आरती, जो भक्त और भगवान के बीच आध्यात्मिक संबंध को मजबूत करती है।

गणेश आरती के भौतिक और मानसिक लाभ
  • गणेश आरती करने से जीवन में आने वाली बाधाओं और नकारात्मक शक्तियों का शमन होता है। इसे विशेष रूप से नए कार्य, परीक्षा, व्यवसाय या यात्रा से पहले किया जाता है।
  • आरती के दौरान उत्पन्न ध्वनि, प्रकाश और मंत्र वातावरण को शुद्ध करते हैं, जिससे घर और मन दोनों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
  • नियमित रूप से गणेश आरती करने से मन स्थिर होता है और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ती है।

गणेश आरती (पूर्ण पाठ) | Full Ganesh Aarti in Hindi

जय गणेश जय गणेश देवा

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी।
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

अंधन को आँख देत, कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

हार चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।
कामना को पूर्ण करो, जाऊँ बलिहारी॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

गणेश जी की आरती अंग्रेजी मे | Ganesh ji ki aarti in English

Jai Ganesh Jai Ganesh Deva

Jai Ganesh, Jai Ganesh, Jai Ganesh Deva
Mata Jaaki Parvati, Pita Mahadeva

Ek Dant Dayavant, Chaar Bhuja Dhaari
Mathe Sindoor Sohe, Moose Ki Sawaari
Jai Ganesh, Jai Ganesh, Jai Ganesh Deva
Mata Jaaki Parvati, Pita Mahadeva

Andhan Ko Aankh Det, Kodhin Ko Kaaya
Banjhan Ko Putra Det, Nirdhan Ko Maaya
Jai Ganesh, Jai Ganesh, Jai Ganesh Deva
Mata Jaaki Parvati, Pita Mahadeva

Haar Chadhe, Phool Chadhe, Aur Chadhe Meva
Ladduan Ka Bhog Lage, Sant Karen Seva
Jai Ganesh, Jai Ganesh, Jai Ganesh Deva
Mata Jaaki Parvati, Pita Mahadeva

Deenan Ki Laaj Rakho, Shambhu Sutkaari
Kaamna Ko Poorn Karo, Jaaun Balihari
Jai Ganesh, Jai Ganesh, Jai Ganesh Deva
Mata Jaaki Parvati, Pita Mahadeva

गणेश आरती कैसे गाएं? | How to Perform Ganesh Aarti

गणेश आरती एक सरल लेकिन श्रद्धा-प्रधान प्रक्रिया है। इसका प्रभाव विधि से अधिक भाव और नियमितता पर निर्भर करता है।

गणेश आरती करने की विधि
  1. स्वच्छता
    स्नान या हाथ-पैर धोकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थान साफ होना चाहिए।
  2. गणेश प्रतिमा या चित्र स्थापित करें
    भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें।
  3. दीपक प्रज्वलन
    घी या तेल का दीपक जलाएँ। दीपक आरती का मुख्य तत्व होता है।
  4. धूप और पुष्प अर्पण करें
    धूप जलाकर भगवान को पुष्प चढ़ाएँ।
  5. आरती पूर्ण होने पर
    आरती समाप्त होने के बाद भगवान गणेश से मनोकामना करें और दीपक की लौ से हाथ सेंककर मस्तक पर लगाएँ।

गणेश आरती करने का सही समय

  • प्रातःकाल: सूर्योदय के बाद
  • सायंकाल: सूर्यास्त के बाद
  • विशेष दिन:
    • बुधवार
    • गणेश चतुर्थी
    • किसी नए कार्य या शुभ आरंभ से पहले

इन समयों पर की गई आरती अधिक फलदायी मानी जाती है।

गणेश आरती के लिए आवश्यक सामग्री

  • भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र
  • घी या तेल का दीपक
  • रुई की बत्ती
  • धूप या अगरबत्ती
  • पुष्प (विशेष रूप से दूर्वा)
  • नैवेद्य (लड्डू, मोदक या फल)
  • घंटी (यदि उपलब्ध हो)

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